संक्षेप में
- अकेले, छोटे स्तर पर, लोकल ग्राहक — प्रोप्राइटरशिप: एक दिन में, लगभग मुफ़्त. दो पार्टनर, प्रोफ़ेशनल सर्विस — LLP. इन्वेस्टर, बड़े क्लाइंट, टीम — Pvt Ltd.
- Pvt Ltd की असली क़ीमत रजिस्ट्रेशन नहीं, हर साल का कंप्लायंस है — ज़ीरो कमाई पर भी फ़ाइलिंग ज़रूरी.
- उलझन में हैं? WhatsApp करें 91155 52911 — 10 मिनट की बात में सही ढाँचा तय हो जाता है.
"कंपनी बना लो, बड़ा लगेगा" — यह सलाह हर नए कारोबारी को मिलती है, और हर साल हज़ारों लोग ऐसी Pvt Ltd रजिस्टर करा बैठते हैं जिसकी उन्हें ज़रूरत ही नहीं थी. फिर ज़ीरो कमाई पर भी हर साल फ़ाइलिंग का ख़र्च भरते हैं. सच यह है: ढाँचा कारोबार के हिसाब से चुना जाता है, दिखावे के हिसाब से नहीं.
तीन ढाँचे, एक टेबल — खरी-खरी तुलना
| प्रोप्राइटरशिप | LLP | Pvt Ltd | |
|---|---|---|---|
| शुरूआती लागत | ~₹0–2,000 | ~₹5,000–10,000 | ~₹8,000–15,000 |
| बनने में समय | 1–3 दिन | ~10–15 दिन | ~7–12 दिन |
| निजी लायबिलिटी | पूरी — घर-गाड़ी तक दाँव पर | सीमित | सीमित |
| इन्वेस्टर/फ़ंडिंग | नहीं | मुश्किल | बना ही इसके लिए है |
| सालाना कंप्लायंस | सबसे कम (ITR, GST हो तो रिटर्न) | मध्यम (Form 8, Form 11) | सबसे ज़्यादा (ऑडिट, AOC-4, MGT-7) |
| बड़े क्लाइंट्स/टेंडर में साख | कम | अच्छी | सबसे ज़्यादा |
| बंद करना | आसान | प्रक्रिया लगती है | लंबी और महँगी प्रक्रिया |
लागत के आँकड़े सरकारी फ़ीस + मामूली प्रोफ़ेशनल ख़र्च का मोटा अंदाज़ा हैं — राज्य की स्टाम्प ड्यूटी और capital के हिसाब से बदलते हैं.
किसके लिए क्या सही — ख़ुद को इनमें ढूँढिए
प्रोप्राइटरशिप: दुकानदार, हलवाई, बुटीक, फ़्रीलांसर, ट्यूटर — जहाँ ग्राहक आपको जानता है, कंपनी का नाम नहीं देखता. कमाई सीधी आपकी, टैक्स आपकी स्लैब से, काग़ज़ी बोझ न के बराबर.
LLP: दो-तीन पार्टनर वाली प्रोफ़ेशनल सर्विस — CA/वकील की फ़र्म, डिज़ाइन एजेंसी, कंसल्टेंसी. लायबिलिटी सीमित, आपसी हिस्सेदारी LLP agreement में साफ़, पर इन्वेस्टर को equity नहीं दे सकते.
Pvt Ltd: जिसे इन्वेस्टर लाना है, ESOP देकर टीम बनानी है, या ऐसे बड़े क्लाइंट/टेंडर चाहिए जो सिर्फ़ कंपनियों से काम करते हैं. साख सबसे ऊँची — पर क़ीमत नीचे पढ़िए.
प्रोप्राइटरशिप — एक दिन में कारोबार शुरू
प्रोप्राइटरशिप का अलग से कोई "रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट" नहीं होता — आपका PAN ही कारोबार का PAN है. पहचान बनती है दो मुफ़्त रजिस्ट्रेशनों से: Udyam (udyamregistration.gov.in पर MSME रजिस्ट्रेशन — आधार OTP से 15 मिनट में, बिल्कुल मुफ़्त) और ज़रूरत हो तो GST (पूरी GST गाइड यहाँ). इन्हीं दोनों काग़ज़ों पर बैंक current account खोल देता है — और बस, आप कारोबारी हैं.
LLP का रास्ता — संक्षेप में
LLP भी MCA (mca.gov.in) से बनता है: दोनों पार्टनर के DSC → RUN-LLP से नाम रिज़र्व → FiLLiP फ़ॉर्म से इनकॉर्पोरेशन → 30 दिन में LLP Agreement (Form 3) फ़ाइल. सालाना Form 11 और Form 8 भरते रहें तो LLP सबसे शांत ढाँचा है — Pvt Ltd जैसी ऑडिट की अनिवार्यता भी एक सीमा तक नहीं.
Pvt Ltd — DSC से बैंक खाते तक
DSC बनवाएँ
हर डायरेक्टर का Digital Signature Certificate — आधार-PAN से एक दिन में बन जाता है. आगे के सारे फ़ॉर्म इसी से साइन होंगे.
नाम रिज़र्व करें (SPICe+ Part A)
mca.gov.in पर SPICe+ Part A में 2 नाम प्राथमिकता से दें. किसी मौजूदा कंपनी/ट्रेडमार्क से मिलता नाम reject होता है — पहले MCA की name search कर लें.
SPICe+ Part B भरें
Registered office (पटियाला का पता चलेगा — बिजली बिल + NOC), डायरेक्टर, capital और e-MoA/e-AoA. साथ जुड़ा AGILE-PRO फ़ॉर्म EPFO/ESIC भी कवर कर लेता है.
फ़ीस भरकर सबमिट करें
सरकारी फ़ीस + राज्य की स्टाम्प ड्यूटी ऑनलाइन भरें, DSC से साइन कर फ़ाइल करें. छोटे capital पर MCA की फ़ीस काफ़ी रियायती है — कुल ख़र्च बदल सकता है.
Incorporation + PAN/TAN
मंज़ूरी पर Certificate of Incorporation मिलता है — कंपनी का PAN और TAN उसी के साथ अपने आप बन जाते हैं, अलग आवेदन नहीं.
बैंक खाता + INC-20A
कंपनी के नाम current account खोलें, शेयरहोल्डर अपना capital जमा करें, और 180 दिन के अंदर INC-20A (business commencement) फ़ाइल करें — इसके बिना कारोबार शुरू करना नियम के ख़िलाफ़ है.
लागत और समय — बिना छुपाए
10 मिनट में सही ढाँचा तय करना है?
अपना काम बताइए — हम बिना बेचे सलाह देंगे, फिर रजिस्ट्रेशन भी करा देंगे.रजिस्ट्रेशन के लिए काग़ज़ — तीनों में लगभग यही
- 🪪PAN + आधारहर प्रोप्राइटर/पार्टनर/डायरेक्टर का — नाम-DOB दोनों में एक जैसे हों
- 🖼️पासपोर्ट-साइज़ फ़ोटोसफ़ेद बैकग्राउंड, ताज़ा
- 🏠ऑफ़िस/दुकान के पते का प्रमाणताज़ा बिजली बिल; किराए पर हो तो एग्रीमेंट + मालिक की NOC
- 🏦बैंक स्टेटमेंट/पासबुकपते और KYC के प्रमाण के तौर पर — 2 महीने से पुरानी न हो
ढाँचा उतना ही भारी चुनिए जितना कारोबार उठा सके — कमाई से पहले कंप्लायंस का बिल आने लगे, तो समझिए ढाँचा बड़ा और कारोबार छोटा चुन लिया.
Sahayak Seva की New Company Solutions — रजिस्ट्रेशन से वेबसाइट तक
नया कारोबार सिर्फ़ एक सर्टिफ़िकेट नहीं होता — इसीलिए हमारा New Company Solutions पैकेज पूरा सेट देता है: सही ढाँचे की सलाह और रजिस्ट्रेशन (Udyam/GST से SPICe+ तक), कारोबारी मुहर (रबर स्टैम्प), प्रोफ़ेशनल लोगो और एक साफ़-सुथरी वेबसाइट — ताकि पहले दिन से आपका कारोबार जमा-जमाया दिखे.
शुरुआत एक WhatsApp से — 91155 52911. न साइन-अप, न दफ़्तर के चक्कर; हिंदी, पंजाबी या अंग्रेज़ी में बात करें, पटियाला में हों या कहीं भी. Sahayak Seva एक निजी सेवा प्रदाता है — हम MCA या किसी सरकारी विभाग से संबद्ध नहीं हैं.